संदेश

सितंबर, 2020 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

बात दिल की जुबां पे आ जाये तो क्या होता है, वही होता है जो मंजूरे खुदा होता है।

चित्र
नाम सिंघल है मेरा दिल की खिड़की से बात करता हूँ। दिमाग से नहीं दिल से रिश्ते नाते निभाता हूँ। तुम कुछ भी समझो, तुम कुछ भी कहो, मैं तो बस दिल की बात दिल से करता हूँ। -प्रदीप सिंघल

कुलपितामह महाराजा श्री अग्रसेन जी पर भजन (लेखक व गायक: -राजेन्द्र अग्रवाल जी)

चित्र
Bhajan Lyrics:- जय अग्रसेन महाराज तेरी महिमा भारी।  बजता डंका जग में पूजे दुनिया सारी। जय अग्रसेन महाराज.... महाभारत के रण में कन्हैया के साथ थे। सुना है गरीबों के तुम्ही दीनानाथ थे। तेरे वंश पे लक्ष्मी का उपकार है भारी। जय अग्रसेन महाराज.... ईंट एक रूपया लेकर किया कल्याण था।  सारे गुणों के धारी नहीं अभिमान था। सुर नर मुनि गण भी थे तेरे आभारी। जय अग्रसेन महाराज.... अग्रोहा में लगता जैसे आज भी बसेरा है। मिलता है सब कुछ दर से बना जो भी तेरा है। "राजू" पर भी भगवन करो नज़र तुम्हारी।  जय अग्रसेन महाराज.... लेखक व गायक: राजेन्द्र अग्रवाल जी। प्रषेक: प्रदीप सिंघल (जीन्द वाले) सभी अग्रबंधुओं को....  ।। जय जय महालक्ष्मी ।। ।। जय जय श्री अग्रसेन ।।

दर्द भरी कहानी

चित्र
जब किसी व्यक्ति के स्वाभिमान को ठेस पहुंचती है। तो वो व्यक्ति अंदर से पूूरी तरह टुट 

सिंघल तो कहे दिल की बात (Pardeep Singhal)

चित्र
इससे पहले की लोग तुम्हें भूल जाएं, तुम लोगों को याद दिलाते रहना कि तुम उन्हीं के बीच मौजूद हो! -प्रदीप सिंघल