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मई, 2021 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

साल़ाहेली//Salaheli (©®ताऊ शेखावाटी//Tau Sekhawati)

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  👉 पारिवारिक हास्य कविता:- साल़ाहेली ..................... मित्रों!       👉 रिश्तों की दुनिया में हर रिश्ते में स्वार्थ का बोलबाला है। उदाहरण के लिए माँ-बाप बेटे को इसलिए लाड करते हैं, कि वो उनके बुढ़ापे का सहारा है। वहीं सास-ससुर अपने जंवाई को इसलिए मान देते हैं, कि वो उनकी बेटी के सुख दुख का साथी है...... आदि, आदि। ⬇⬇⬇⬇⬇⬇ 👉 ऐसे में मात्र एक रिश्ता ऐसा है, जो जवानी से लेकर बुढ़ापे तक आपको भरपूर निश्वार्थ मान-सम्मान देने में कभी नहीं अघाता, वह रिश्ता होता है "सालाहेली" का। आप जब भी ससुराल जाते हैं। यह रिश्ता हर्षित मन "आवो नणदोई सा!" 👉 कहते हुए सदैव आपके स्वागत में पलक पांवड़े बिछाए तैयार मिलता है। तो कारोना के चल रहे इस उबाऊ पीरियड में आपके होठों पर क्षणिक मुस्कान लाने हेतु प्रस्तुत है.... उस निश्वार्थ रिश्ते पर कभी लिखी हुई मेरी प्रथम कृति "सालाहेली" की ये....... 👉 कविता:- साल़ाहेली ⬇⬇⬇⬇⬇⬇ (1) सासरिए में सुख चाहो तो, मेरे यारो एक काम करो। सासू अर सुसरै सूं पैली, सालाहेली को मान करो।। ⬇⬇⬇⬇⬇⬇ (2) सासू-ससुरा कै दिन का है, साली सासरिए जावैगी।  सालाहेली ही...

महाराजा श्री अग्रसेन जी की अमर कथा (-©®ताऊ शेखावटी)

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हमारे आदरणीय पंडित जी #ताऊ_शेखावटी_ (सीताराम शर्मा जी) द्वारा रचित "महाराजा श्री अग्रसेन जी की अमर कथा" आज सुबह ही वट्सअप पर प्राप्त हुई। जिसके लिए मैं उनका हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ और आग्रह करता हूँ कि आप अपनी कलम से इसी तरह अग्रकुल की गौरव गाथा बयान करते रहेंगे। ये कथा यूटयूब पर भी उपलब्ध है। अग्रबंधुओं यदि कथा आपको अच्छी लगे और आपको लगे कि ये अमर कथा जन जन तक पहुंचनी चाहिए तो, कृप्या इसे आगे बढ़ाने में हमारा सहयोग करें। https://youtu.be/TZktk-WQYxI https://youtu.be/TZktk-WQYxI  

महाराजा श्री अग्रसेन जी की गौरव गाथा (-रेखा मोहिनी बंसल@RMB)

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अग्रवंश के कुलपितामह महाराजा श्री अग्रसेन जी की गौरव गाथा: 💟💟💟💟💟💟 श्री अग्रसेन महाराज की, हम गाथा गाते हैं हम गाथा गाते हैं। श्री अग्रजनक के चरणों में हम शीश झुकाते हैं, हम शीश झुकाते हैं। जय अग्रसेन महाराज, जय जय अग्रवाल समाज-੨ ⬇⬇⬇⬇⬇⬇ (1) महारानी भगवती देवी थी, राजा वल्लभसेन वल्लभसेन के पिता थे, जिनका नाम था बृहतसेन-੨ हरियाणा में प्रतापनगर की कथा सुनाते हैं, हम कथा सुनाते हैं। श्री अग्रजनक के चरणों में हम शीश झुकाते हैं। हम शीश..... जय अग्रसेन महाराज, जय जय अग्रवाल समाज-੨ (2) कुंदसेन भाई छोटे थे वल्लभसेन के, केशी नाम का सेनापति रहता था संग उसके-੨ कुंदसेन और केशी दोनों घात लगाते हैं, दोनों घात लगाते हैं। श्री अग्रजनक के चरणों..... जय अग्रसेन महाराज..... (3) राजा वल्लभ भगवती देवी ने शिव ध्यान किया, प्रसन्न हो शिव ने दो पुत्रों का वरदान दिया-੨ भगवती देवी और वल्लभ जी खुशी मनाते हैं बड़ी खुशी मनाते हैं।  श्री अग्रजनक के चरणों में..... जय अग्रसेन महाराज..... (4) अश्विन शुक्ला प्रतिपदा को सुंदर फूल खिला, महेन्द्रकाल में वल्लभ जी घर पुत्र ने जन्म लिया-੨ जो श्री अग्रसेन जी नाम से जाने...