इबके नम्बर मेरा सै (सदाबहार-अरदास//लेखक व गायक: श्री नरेश "नरसी" जी फतेहाबाद वाले)
👉 सुप्रसिद्घ हरियाणवी भजन: ⬇⬇⬇⬇⬇ 👉 मैं के बोलूं श्याम धणी, तन्ने सब बातां का बेरा सै। 👉 पिछले साल घणे तारे, पर इबके नम्बर मेरा सै। ⬇⬇⬇⬇⬇ 👉 मेरे अगड़ पड़ोसी सारे, तन्ने उनका काम बणाया सै। 👉 किसी ने गाड़ ली कोठी और किसी ने महल बणाया सै। 👉 तन्ने यो के हाल बणाया सै, मेरा दो कमरां में डेरा सै। 👉 पिछले साल घणे तारे..... ⬇⬇⬇⬇⬇ 👉 तू दोनों हाथ लुटावे, तेरे घणे खजाने भरे पड़े। 👉 हम रोटी पूरी करते और कमा-कमा के मरे पड़े। 👉 छप्पन करोड़ का बम्पर खुल ज्या, इतना माल भतेरा सै। 👉 पिछले साल घणे तारे..... ⬇⬇⬇⬇⬇ 👉 मेरा सपना पूरा होगा, ना छोड़ी इब तक आस मन्ने। 👉 तू सुणेगा विनती मेरी, यो सै पक्का विश्वास मन्ने। 👉 देर सही अन्धेर नहीं, "नरसी" नै इतना बेरा सै। 👉 पिछले साल घणे तारे..... ⬇⬇⬇⬇⬇ (तर्ज: हरियाणवी गीत "मेरे पाछे-पाछे आवण का") ⬇⬇⬇⬇⬇ 👉 लेखक व गायक: श्री नरेश "नरसी" जी। 👉 फतेहाबाद -हरियाणा। 👉 मोबाइल: 94-162-41-061 Fb Page: Naresh Narsi Fans #NNF 🙏🙏🙏🙏🙏 👉 प्रेषक: प्रदीप सिंघल (जीन्द वाले) (हमें मिली जानकारी के अनुसार ये भजन लगभग सन् 2004 के आसपास लिखा...