साल़ाहेली//Salaheli (©®ताऊ शेखावाटी//Tau Sekhawati)
👉 पारिवारिक हास्य कविता:- साल़ाहेली
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मित्रों!
👉 रिश्तों की दुनिया में हर रिश्ते में स्वार्थ का बोलबाला है। उदाहरण के लिए माँ-बाप बेटे को इसलिए लाड करते हैं, कि वो उनके बुढ़ापे का सहारा है। वहीं सास-ससुर अपने जंवाई को इसलिए मान देते हैं, कि वो उनकी बेटी के सुख दुख का साथी है...... आदि, आदि।
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👉 ऐसे में मात्र एक रिश्ता ऐसा है, जो जवानी से लेकर बुढ़ापे तक आपको भरपूर निश्वार्थ मान-सम्मान देने में कभी नहीं अघाता, वह रिश्ता होता है "सालाहेली" का। आप जब भी ससुराल जाते हैं। यह रिश्ता हर्षित मन "आवो नणदोई सा!"
👉 कहते हुए सदैव आपके स्वागत में पलक पांवड़े बिछाए तैयार मिलता है। तो कारोना के चल रहे इस उबाऊ पीरियड में आपके होठों पर क्षणिक मुस्कान लाने हेतु प्रस्तुत है.... उस निश्वार्थ रिश्ते पर कभी लिखी हुई मेरी प्रथम कृति "सालाहेली" की ये.......
👉 कविता:- साल़ाहेली
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(1) सासरिए में सुख चाहो तो, मेरे यारो एक काम करो।
सासू अर सुसरै सूं पैली, सालाहेली को मान करो।।
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(2) सासू-ससुरा कै दिन का है, साली सासरिए जावैगी।
सालाहेली ही जीवन में, आखिर तक आडी आवैगी।।
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(3) सारा रिश्ता है मतलब का, कोई ना लागे कोई को।
सब स़ूं प्यारो रिश्तो होवै, सालाहेली - नणदोई ।।
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(4) "साली" चाहे कितणी भी हो, पण के होणो है होणै सूँ।
"फूंफोजी" तो बण पाओगा, सालाहेली कै होणै सूँ।।
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(5) सालाहेली सासरिये में, होवै चाबी हर ताल़ै की।
बीं री "हां - नां" पर ही निर्भर, होवै "हाँ" या "नाँ" साल़ै की।
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(6) साली तो लागे "शक्कर" सी, पत्नी जाणै "गुड़" की भेली।
जो लागे "मिश्री" सी मीठी, बा होवै है सालाहेली।।
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(7) साली है खर्चे की मशीन, हरदम खर्चो करवावै है।
सीधे मुंडै बोलै कोनी, उल्टो नखरो दिखलावै है।।
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(8) ब्याह् पाछै कुछ दिन ताणी तो, पत्नी भी मीठी बात करै।
पण, कुछ दिन पाछै बा कच-कच, जीवन भर दिन अर रात करै।।
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(9) पण, सालाहेली तो हरदम, देख्या नणदोई हरसावै।
मीठी-मीठी बातां करकै, रस प्रेम सदा ईं बरसावै।।
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(10) धिक्कार इयां के जीणै में, जे सासरिए रै माँ कोई।
आ कैवण हारी भी न मिलै, आओ जी! प्यारा नणदोई।।
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(11) साल़ाहेली जीवन में सुख, सरिता री धारा होवै है।
जिण रै होवै साल़ाहेली, बै किस्मत हारा होवै है।।
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(12) सांवरिया मेरी शादी को, जोगाड़ लगाणै सूं पैली।
आ देख लिए सासरिए में, होणी चाए सालाहेली।।
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(13) वर्ना क्वांरो ई चोखो हूँ, मनै शादी कोणी करनी।
खाली पत्नी रे सुख ताणी, इतणी् आफत कोणी करनी।।
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👉 ©®Pandit Tau Sekhawati Ji
👉 ©®पंडित ताऊ शेखावाटी जी
👉 32 जवाहर नगर, सवाई माधोपुर -322001 (राजस्थान)
👉 मोबाइल नंबर: 94-142-70-336
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👉 प्रेषक: प्रदीप सिंघल (जीन्द वाले)
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