मतलब की दुनिया सारी लीरिक्स (-Naresh Narsi Ji)
हकीकत-ए-दुनिया:
मतलब की दुनिया सारी, मतलब की रिश्तेदारी।
मतलब के लोग यहाँ पर, मतलब की है सब यारी।
अन्धा करती इन्साँ को, मतलब ऐसी बिमारी।
मतलब बिन बोले नाहिं, अपनी ही नारी।
मतलब की दुनिया सारी.....
मतलब पीछे एक भाई, भाई को गोली मारे।
मतलब घर की बहू जलवा दे।
मतलब ही सारी दुनिया में नाम करा दे।
और मतलब ही बीच चौराहे पीटवा दे।
बच के रहना सभी, गाँठ बान्धो अभी।
एक दिन आ सकती भैया, अपनी भी बारी।
मतलब की दुनिया.....
मतलब को मत लब पर लाना, मतलब चीज़ बुरी है।
पाला पड़े ना कभी मतलबी से।
मतलब पीछे खोटे कर्म ना करना कभी भी प्यारे
मेरा कहना यही है सभी से।
मतलबी ना बनो, मान लो सज्जनों।
मेरा मतलब समझाना, मर्जी तुम्हारी।
मतलब की दुनिया.....
मतलब के सब खेल तमाशे, इस दुनिया में।
"नरसी" यहाँ कोई नहीं है किसी का।
मतलब से मतलब हैं रखते भाई बन्धु प्यारे।
रिश्तेदारी है नाम इसी का।
मतलबी ये जहाँ, कौन किसका यहाँ।
मतलब से भरी पड़ी है संसद हमारी।
मतलब की दुनिया.....
रचनाकार: श्री नरेश जांगिड़ -नरसी जी।
फतेहाबाद -हरियाणा।
मो० 9416241061
🙏🙏🙏🙏🙏
Watch On Youtube:
https://youtu.be/PBoXN_RKpS8
मुझे मिली जानकारी के मुताबिक ये रचना सन् 2005 में लिखी गई। जिसे लिखे आज लगभग 15 वर्ष हो गये। जिसकी हर पंक्ति सच्चाई से रूबरू करवाती है। लेखक ने अपनी कलम से दुनिया की हकीकत बयान की है, इस रचना में। इस रचना के रचनाकार आदरणीय श्री नरेश नरसी जी को मेरा कोटि कोटि प्रणाम ।
प्रेषक: प्रदीप सिंघल।
(जीन्द वाले)

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