मर्मस्पर्शी भजनों के लेखक व गायक सरदार श्री हरिमहेन्द्र सिंह "रोमी" जी
भजन लीरिक्स:
स्थाई:
अगर दिल खोला होता उस दिलदार से।
खुलवाना ना पड़ता फिर औज़ार से।
दिल की होती तुमको कभी बीमारी ना।
दिल की बातें कर लेते दिलदार से।
(1)
प्यार के दो पल मिले उसे प्यार से जी ले।
श्याम का अमृत मिला उसे प्यार से पी ले।
अगर तुमने संभाला होता दिल को प्यार से।
खुलवाना ना पड़ता....
(2)
रो रहा है क्यों तू प्यारे क्यों है तू गुमसुम।
दिल की अपने बात पगले इक बारी तो सुन।
अगर दिल को लुटाया होता उस दिलदार पे।
खुलवाना ना पड़ता....
(3)
दिल की हकीकत को सदा दिलदार ही जाने।
हाल-ए-दिल "रोमी" साँवरा यार ही जाने।
मरहम रखवाया होता अगर साँवरे यार से।
खुलवाना ना पड़ता....
लेखक व गायक: सरदार श्री हरिमहेन्द्र सिंह "रोमी" जी।
को मेरा कोटि कोटि प्रणाम।
🙏🙏🙏🙏🙏
प्रेषक: प्रदीप सिंघल
(नोट: उद्देश्य सिर्फ इतना ही कि अच्छी रचनाएं अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे)
🙏🙏🙏🙏🙏

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