अग्रसेन जी का भजन: (लेखक:- हेमन्त गोयल "गोपाल" जी)
👉 👉 Lyrics:
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अग्रसेन जी पिता हमारे, माधवी हमारी माता है-੨
अग्रोहा राजधानी हमारी, जिससे हमारा नाता है-੨
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सत्य-अहिंसा-धर्म-दान का, हमको पाठ पढ़ाया है।
एक ईंट और एक रुपये से, समरसता सीख सिखाया है।
छोटी सी है रीत मगर ये, सीख बड़ी सिखाता है।
अग्रोहा राजधानी....
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क्षत्रिये कुल में जन्म लिया, वैश्य धर्म स्वीकार किया।
कलम-तराजू के दम पर, जीत सारा संसार लिया।
जहाँ भी बसे है अग्रवंश, वहीं का वो हो जाता है।
अग्रोहा राजधानी....
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लक्ष्मी पुत्र कहाते हैं हम, महालक्ष्मी का वरदान है।
फैली बेल चहूँ दिशा में, पाते सदा सम्मान हैं।
कहे "गोपाल" बड़भागी, जो #अग्रवाल कहलाता है।
अग्रोहा राजधानी....
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©®श्री हेमन्त गोयल "गोपाल" जी (श्याम कृपा)
👉 गायक: अभिजीत कोहर जी
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👉 प्रेषक: प्रदीप सिंघल
👉 https://youtu.be/ft8O668UIBU
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