बतादे साँवरिया क्यों ना घर म्हारे आवै (लेखक: दादा -भीमसेन जी भिवानी वाले)

हरियाणवी भजन:


बतादे साँवरिया क्यों ना घर म्हारे आवै-੨


तेरी याद मैं श्यामधणी मन्ने अन्न पाणी ना भावै-੨


छप्पन भोग मिलैं सेठां के दौड़या दौड़या जावै-੨


मैं निर्धन म्हारे घर आवण मैं नखरे घणे दिखावै-੨


बतादे साँवरिया....


चाँदी के सिंहासन ऊपर बैठयो बैठयो हुक्म चलावै-੨


तेरे भक्त की टूटी खटिया दुनिया हाँसी उड़ावै-੨


बतादे साँवरिया....


कलयुग के मैं साँवरिया तैं लखदातार कुहावै-੨


मन्ने देण मैं कुणसा तेरा बता माल घट जावै-੨


बतादे साँवरिया....


"भीमसेन" सुण श्यामधणी तेरे नये नये भजन बणावै-੨


इसते ज्यादा और बता तू के मेरे तै चाहवै-੨


बतादे साँवरिया....


लेखक: दादा -भीमसेन जी भिवानी वाले।

गायिका: निकिता अग्रवाल जी।

प्रेषक: प्रदीप सिंघल (जीन्द वाले)

singhalpardeep.blogspot.com

आप सभी को.... ।। जय श्री श्याम जी।।

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