संदेश

बात दिल की जुबां पे आ जाये तो क्या होता है, वही होता है जो मंजूरे खुदा होता है।

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नाम सिंघल है मेरा दिल की खिड़की से बात करता हूँ। दिमाग से नहीं दिल से रिश्ते नाते निभाता हूँ। तुम कुछ भी समझो, तुम कुछ भी कहो, मैं तो बस दिल की बात दिल से करता हूँ। -प्रदीप सिंघल

कुलपितामह महाराजा श्री अग्रसेन जी पर भजन (लेखक व गायक: -राजेन्द्र अग्रवाल जी)

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Bhajan Lyrics:- जय अग्रसेन महाराज तेरी महिमा भारी।  बजता डंका जग में पूजे दुनिया सारी। जय अग्रसेन महाराज.... महाभारत के रण में कन्हैया के साथ थे। सुना है गरीबों के तुम्ही दीनानाथ थे। तेरे वंश पे लक्ष्मी का उपकार है भारी। जय अग्रसेन महाराज.... ईंट एक रूपया लेकर किया कल्याण था।  सारे गुणों के धारी नहीं अभिमान था। सुर नर मुनि गण भी थे तेरे आभारी। जय अग्रसेन महाराज.... अग्रोहा में लगता जैसे आज भी बसेरा है। मिलता है सब कुछ दर से बना जो भी तेरा है। "राजू" पर भी भगवन करो नज़र तुम्हारी।  जय अग्रसेन महाराज.... लेखक व गायक: राजेन्द्र अग्रवाल जी। प्रषेक: प्रदीप सिंघल (जीन्द वाले) सभी अग्रबंधुओं को....  ।। जय जय महालक्ष्मी ।। ।। जय जय श्री अग्रसेन ।।

दर्द भरी कहानी

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जब किसी व्यक्ति के स्वाभिमान को ठेस पहुंचती है। तो वो व्यक्ति अंदर से पूूरी तरह टुट 

सिंघल तो कहे दिल की बात (Pardeep Singhal)

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इससे पहले की लोग तुम्हें भूल जाएं, तुम लोगों को याद दिलाते रहना कि तुम उन्हीं के बीच मौजूद हो! -प्रदीप सिंघल

खेल समय का (-सिंघल प्रदीप)

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ये समय तय करता है, कि आपने जो मेहनत की है, जो कोशिश की है। वो कितनी सही और कितनी गलत है। -प्रदीप सिंघल

सुप्रसिद्घ हरियाणवी भजन देना है तो दे-दे साँवरे (Lyrics-Bhimsen Bhiwani)

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सुप्रसिद्ध हरियाणवी भजन:- देना हो तो दे-दे साँवरे, क्यूँ ज्यादा तरसावै सै-२ ना देना तो साफ नाट, क्यूँ लखदातार कुहावै सै-२ तेरे काट-काट कै चक्कर, मैं तो तेरे दर के हार लिया। मैं ना पिंड तेरा इब छोडूँ, मनै मन मै पक्का धार लिया। भगत तेरा भुखा सोवै, तू 56 भोग उडावै सै। ना देना तो.... तेरे भण्डारे मैं कमीं नहीं, यो कैणा दुनिया सारी का। भगत तेरा दुख पावै, तो के फायदा साहूकारी का। लेन-देन का जिक्र करै ना, मनै बातां मैं बहकावै सै। ना देना तो.... तनै देना पडै जरूरी, मैं ज़िद्दी घणां अनाड़ी सूँ। बाबा सेठ तू नंबर वन सै, तो मैं नंबर एक भिखारी हूँ। सब भगतां के आगै क्यूँ तू , अपनी पोल खुलावै सै। ना देना तो.... मैं हर ग्यारस नै, तेरे धाम पै चलकै आऊँ सूँ। फोकट मैं कोणया माँगू, तेरे नये-नये भजन बनाऊं सूंँ। क्यूँ "भीमसेन" नै देवण मैं, तू कंजूसी दिखलावै सै। ना देना तो.... (तर्ज:- मेरे पाछे-पाछे आवण का) हमारी जानकारी के मुताबिक इस भजन को लिखे लगभग आज 15 वर्षों से भी अधिक समय हो गया। लेकिन ये सदाबहार भजन आपको फिर भी कहीं ना कहीं सुनाई जरूर दे जायेगा। धार्मिक कीर्तन क...

मतलब की दुनिया सारी लीरिक्स (-Naresh Narsi Ji)

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हकीकत-ए-दुनिया: मतलब की दुनिया सारी, मतलब की रिश्तेदारी। मतलब के लोग यहाँ पर, मतलब की है सब यारी। अन्धा करती इन्साँ को, मतलब ऐसी बिमारी। मतलब बिन बोले नाहिं, अपनी ही नारी। मतलब की दुनिया सारी..... मतलब पीछे एक भाई, भाई को गोली मारे। मतलब घर की बहू जलवा दे। मतलब ही सारी दुनिया में नाम करा दे। और मतलब ही बीच चौराहे पीटवा दे। बच के रहना सभी, गाँठ बान्धो अभी। एक दिन आ सकती भैया, अपनी भी बारी। मतलब की दुनिया..... मतलब को मत लब पर लाना, मतलब चीज़ बुरी है। पाला पड़े ना कभी मतलबी से। मतलब पीछे खोटे कर्म ना करना कभी भी प्यारे मेरा कहना यही है सभी से। मतलबी ना बनो, मान लो सज्जनों। मेरा मतलब समझाना, मर्जी तुम्हारी। मतलब की दुनिया..... मतलब के सब खेल तमाशे, इस दुनिया में। "नरसी" यहाँ कोई नहीं है किसी का। मतलब से मतलब हैं रखते भाई बन्धु प्यारे। रिश्तेदारी है नाम इसी का। मतलबी ये जहाँ, कौन किसका यहाँ। मतलब से भरी पड़ी है संसद हमारी। मतलब की दुनिया..... रचनाकार: श्री नरेश जांगिड़ -नरसी जी। फतेहाबाद -हरियाणा। मो० 9416241061 🙏🙏🙏🙏🙏 Watch On Youtube:...