17 अक्टूबर कुलपिता महाराजा श्री अग्रसेन जी की जयंती पर प्रस्तुत है ये गीत (-SARC)
श्री राम प्रभु के वंशज है हम और माधवी के लाल।
हम गर्व से सीना तान के कहते हम है अग्रवाल।
हम अग्रवंश के बेटों का सारे जग में डंका बजता है।
हर दान धर्म में अग्रवंश ही सबसे आगे रहता है।
कुलदेवी है महालक्ष्मी और है नागलोक ननिहाल।
हम गर्व से.....
म्हारे अग्रसेन ने सत्य अहिंसा राह पे हमको चलाया है।
व्यापार करो सत्कर्म करो हमको तो ये समझाया है।
जो भी इनकी राह पे चलता हो जाता वो निहाल।
हम गर्व से.....
इस अग्रवंश की शान देखकर हर कोई आहें भरता है।
हमको भी इसमें जन्म मिले ये सबकी जुबां पे रहता है।
महालक्ष्मी की छाया "संजय" हम पे रहती हर हाल।
हम गर्व से.....
लेखक व गायक: अग्रविभुति
श्री संजय अग्रवाल जी।
रायगढ़ - छतीसगढ़।
मोबाइल: 810-945-95-55
।। जय श्री अग्रसेन जयते नम:।।
आप सभी अग्रबंधुओं को कुलपितामह महाराजा श्री अग्रसेन जी की जयंती की हार्दिक शुभकामनाएँ।
प्रेषक: अग्रवंशी प्रदीप सिंघल।
जगत जननी कुल देवी माता महा लक्ष्मी जी को साष्टांग प्रणाम । जय हो महाराज अग्रसेन महाराज जी की ।।
जवाब देंहटाएंआदरणीय.. जय श्री अग्रसेन
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