कभी रूठना ना मुझसे तू श्याम साँवरे (Lyrics -Romi Ji & Voice -Sanjay Mittal Ji)

सुप्रसिद्ध भजन: कभी रूठना ना मुझसे....

स्थाई:

कभी रूठना ना मुझसे तू श्याम साँवरे-੨

मेरी जिंदगी है अब तेरे नाम साँवरे-੨

मेरा साँवरे सवेरा तेरे नाम से-੨

तेरे नाम से ही जिंदगी की शाम साँवरे-੨


(1)

चिंतन हो सदा इस मन में तेरा, चरणों में तेरे मेरा ध्यान रहे।

चाहे दुख में रहूँ चाहे सुख में रहूँ, होंठों पे सदा तेरा नाम रहे।

तेरे नाम से ही मेरी पहचान है।

तेरी सेवा में ही मेरा कल्याण है।

मेरा रोम-रोम तेरा कर्जाई है, तेरे कितने गिनाऊँ एहसान साँवरे।

कभी रूठना ना....


(2)

दिल तुमसे लगाना सीखा है, तुमसे ही सीखा याराना।

जीवन को संवारा है तुमने, बदले में मैं दूँ क्या नज़राना।

मैंने दिल हारा ये भी तेरी प्रीत है।

मेरी हार में भी श्याम मेरी जीत है।

बस दिल की यही है एक आरजू, तुझे दिल का बना लूँ मेहमान साँवरे।

कभी रूठना ना....


(3)

दुनिया के मैं अवगुण क्या देखूँ, मेरे अवगुण कई हजार प्रभु।

तुम अवगुण मेरे सब ढ़कलोगे, इतना है मुझे एतबार प्रभु।

मेरे अवगुणों से नजरों को फेर लो हाँ फेर लो।

अपनी बाँहों में प्रभु जी मुझे घेर लो हाँ घेर लो।

ऐसी कृपा करो ना इस दास (रोमी) पे, रहे पापों का ना कोई भी निशान साँवरे।

कभी रूठना ना....


लेखक: सरदार श्री हरिमहेन्द्र सिंह "रोमी" जी (खलीलाबाद वाले) 


गायक: श्री संजय मित्तल जी (कलकत्ता वाले)

🙏🙏🙏🙏🙏

प्रेषक: प्रदीप सिंघल (जीन्द वाले)

(नोट: उद्देश्य सिर्फ इतना ही कि अच्छी रचनाएं अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे)

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