पितृ भजन (Lyrics -Prince Jain & Voice -Subham Rithaliya)
पितृ भजन:
थाण तेरा बनवा कै दादा, सेवा रोज करूँगा।
म्हारा बेड़ा पार लगा दयो, थारी पूजा रोज करूँगा।।
(1)
तेरी धोली चादर ल्या दूँगा-੨
मैं तेरे चरण दबा दयूँगा-੨
भजनों का सुमिरन, तेरे नाम का दोणू टैम करूँगा।
(2)
जिस घर पै किरपा थारी हो-੨
वहाँ बड़ती नहीं बीमारी हो-੨
खीर चूरमा भोग लगा, चरणां मैं ध्यान धरूँगा।
(3)
मावस नै जो भी ध्यान धरै-੨
दादा पितृ कल्याण करै-੨
डूब तेरी भक्ति मैं, तेरा प्रचार करूँगा।
(4)
थारी महिमा सब नै जानी सै-੨
"शुभम" की मीठी वाणी सै-੨
"प्रिंस जैन" की गेल्याँ, मैं थारा नाम रटूँगा।
लेखक: प्रिंस जैन
गायक: शुभम रिठालिया
मोबाइल: 8750104889
🙏🙏🙏🙏🙏
प्रेषक: प्रदीप सिंघल (जीन्द वाले)
Jai Baba ki🙏 jitna surder likha utne hi bhav se Gaya h
जवाब देंहटाएंआपका हृदय से आभार।
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