"हर भक्त हर प्रेमी के मन की बात//हर चौखट हर दर पे की जाने वाली अरदास" (-NNF)
(तर्ज: बार-बार तोहे क्या समझाऊँ)
मारवाड़ी भजन: ⬇
एक चीज़ म्हे माँगां बाबा ना करियो इन्कार।
थारी दया से म्हारो फूलै फलै परिवार।
(1)
24 घंटा घर में थारो वास रवै।
टाबरियां नै थां पे ही विश्वास रवै।
म्हे हां दीन भिखारी बाबा थे हो लखदातार।
थारी दया से....
(2)
सुख में दुख में बाबा थाणे याद करां।
ना जाणां म्हे कैयां पूजा पाठ करां।
भूल चूक री माफ़ी दीज्यो माणागां उपकार।
थारी दया से....
(3)
थां पर है जो अटल भरोसा टूटे ना।
खाटू नगरी आणो जाणो छूटे ना।
धन दौलत ना माँगां बाबा माँगां थारो प्यार।
थारी दया से....
(4)
थाणै ना भूलां जो भी हालात रवै।
हर पल म्हानै याद म्हारी औकात रवै।
"नरसी" की अर्ज़ी पे बाबा करल्यो सोच विचार।
थारी दया से....
⬇⬇⬇⬇⬇
लेखक व गायक:
श्री नरेश नरसी जी - फतेहाबाद
Mob. 9416241061
Fb Page: Naresh Narsi Fans
🙏🙏🙏🙏🙏
प्रेषक: प्रदीप सिंघल (जीन्द वाले)
singhalpardeep.blogspot.com
जय श्री श्याम जी
जवाब देंहटाएं