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म छोरा छतीसगढ़िया (गीतकार व गायकार-संजय अग्रवाल जी)

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हरियाणवी भजन: 👇👇👇👇👇👇 म छोरा छत्तीसगढ़िया म खाली हाथ ना जाऊँगा-੨ बाबा तन्ने खाटू स भगा कर ले जाऊँगा-੨ 👇👇👇👇👇👇 मन्ने सीधा-साधा जानकर टालण की कोशिश ना कर-੨ इस छत्तीसगढ़िया गेली चालण की तैयारी कर-੨ तन्ने सागे लेकर जाऊँ सारा छत्तीसगढ़ म घुमाऊँ-੨ म्हारे छत्तीसगढ़ के सारे प्रेमी स तन्ने मिलाऊँ-੨ म छोरा छत्तीसगढ़िया..... 👇👇👇👇👇👇 म्हारे छत्तीसगढ़ की "भजिया-देहाती-बड़ा" जो खाएँ-੨ थारा खाटू वाला खीर-चूरमा बाबा भूल तू जाएँ-੨ तन्ने अपने हाथां स ही बड़े प्रेम से भोग लगाऊँँ-੨ ज़रा आकर देख तो बाबा तन्ने कितणा लाड़ लड़ाऊँँ-੨ म छोरा छत्तीसगढ़िया  .... 👇👇👇👇👇👇 हम छत्तीसगढ़ के प्रेमी दुनिया म सबसे निराले-੨ "संजय" थारे नाम स बाबा हम सबकी गाड़ी चालै-੨ म्हाणे के चिंता दुनिया की जब बाप स मेरे सागै-੨ थारी मोर छड़ी का पहरा हर-पल म्हारे घर पर लागै-੨ म छोरा छत्तीसगढ़िया...... 👇👇👇👇👇👇 गीतकार व गायकार: संजय अग्रवाल जी। (रायगढ़-छतीसगढ़) 🙏 🙏 🙏 🙏 🙏 प्रेषक: प्रदीप सिंघल (जीन्द वाले) 

बाबा तू कृपा कर दे तो, मैं भी रेट बढ़ा दूँगा (Amit Kalra Meetu//Gurgaon-Haryana)

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आज के कलाकार की वास्तविकता: 👇👇👇👇👇👇 बाबा तू कृपा कर दे तो, मैं भी रेट बढ़ा दूँगा-੨  लम्बी सी गाड़ी लेकर के, जय श्री श्याम लिखा दूँगा-੨  तेरे नाम के जयकारे, मैं गली-गली लगवा दूँगा-੨  👇👇👇👇👇👇 (1) कोई प्रेमी पूछे जो कि कीर्तन का क्या लेते हो, पेमेंट और आने, जाने, खाने की लिस्ट थमा दूँगा-੨ 👇👇👇👇👇👇 (2) प्रेमी जो बोले कि इक छोटा सा कीर्तन करना है, 100-50 लोगों में कीर्तन ना करते बतला दूँगा-੨  👇👇👇👇👇👇 (3) प्रेमी जो बोले भैया एक नया भजन सुना दो जी, किसी और की रचना गाकर अपना नाम लगा दूँगा-੨  👇👇👇👇👇👇 (4) बाबा बैठे सोच रहे जो मैं अपनी पे आया तो, आसमान पे उड़ने वाले पल में धरा पे ला दूँगा-੨ 👇👇👇👇👇👇 रे नादान तू भक्ति कर मैं खुद ही रेट बढ़ा दूँगा-੨  👇👇👇👇👇👇 इस गीत के लेखक व गायक को हृदय से मेरा नमन! 🙏🙏🙏🙏🙏🙏 Youtube Link: https://youtu.be/OBzqYbkSft8

बतादे साँवरिया क्यों ना घर म्हारे आवै (लेखक: दादा -भीमसेन जी भिवानी वाले)

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हरियाणवी भजन: बतादे साँवरिया क्यों ना घर म्हारे आवै-੨ तेरी याद मैं श्यामधणी मन्ने अन्न पाणी ना भावै-੨ छप्पन भोग मिलैं सेठां के दौड़या दौड़या जावै-੨ मैं निर्धन म्हारे घर आवण मैं नखरे घणे दिखावै-੨ बतादे साँवरिया.... चाँदी के सिंहासन ऊपर बैठयो बैठयो हुक्म चलावै-੨ तेरे भक्त की टूटी खटिया दुनिया हाँसी उड़ावै-੨ बतादे साँवरिया.... कलयुग के मैं साँवरिया तैं लखदातार कुहावै-੨ मन्ने देण मैं कुणसा तेरा बता माल घट जावै-੨ बतादे साँवरिया.... "भीमसेन" सुण श्यामधणी तेरे नये नये भजन बणावै-੨ इसते ज्यादा और बता तू के मेरे तै चाहवै-੨ बतादे साँवरिया.... लेखक: दादा -भीमसेन जी भिवानी वाले। गायिका: निकिता अग्रवाल जी। प्रेषक: प्रदीप सिंघल (जीन्द वाले) singhalpardeep.blogspot.com आप सभी को.... ।। जय श्री श्याम जी।।

इबके नम्बर मेरा सै (सदाबहार-अरदास//लेखक व गायक: श्री नरेश "नरसी" जी फतेहाबाद वाले)

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👉 सुप्रसिद्घ हरियाणवी भजन: ⬇⬇⬇⬇⬇ 👉 मैं के बोलूं श्याम धणी, तन्ने सब बातां का बेरा सै। 👉 पिछले साल घणे तारे, पर इबके नम्बर मेरा सै। ⬇⬇⬇⬇⬇ 👉 मेरे अगड़ पड़ोसी सारे, तन्ने उनका काम बणाया सै। 👉 किसी ने गाड़ ली कोठी और किसी ने महल बणाया सै। 👉 तन्ने यो के हाल बणाया सै, मेरा दो कमरां में डेरा सै। 👉 पिछले साल घणे तारे..... ⬇⬇⬇⬇⬇ 👉 तू दोनों हाथ लुटावे, तेरे घणे खजाने भरे पड़े। 👉 हम रोटी पूरी करते और कमा-कमा के मरे पड़े। 👉 छप्पन करोड़ का बम्पर खुल ज्या, इतना माल भतेरा सै। 👉 पिछले साल घणे तारे..... ⬇⬇⬇⬇⬇ 👉 मेरा सपना पूरा होगा, ना छोड़ी इब तक आस मन्ने। 👉 तू सुणेगा विनती मेरी, यो सै पक्का विश्वास मन्ने। 👉 देर सही अन्धेर नहीं, "नरसी" नै इतना बेरा सै। 👉 पिछले साल घणे तारे..... ⬇⬇⬇⬇⬇ (तर्ज: हरियाणवी गीत "मेरे पाछे-पाछे आवण का")  ⬇⬇⬇⬇⬇ 👉 लेखक व गायक: श्री नरेश "नरसी" जी। 👉 फतेहाबाद -हरियाणा। 👉 मोबाइल: 94-162-41-061 Fb Page: Naresh Narsi Fans #NNF 🙏🙏🙏🙏🙏 👉 प्रेषक: प्रदीप सिंघल (जीन्द वाले) (हमें मिली जानकारी के अनुसार ये भजन लगभग सन् 2004 के आसपास लिखा...

वास्तविकता// इस रंग बदलती दुनिया में, निर्धन का साथी कोई नहीं (©®Writer)

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 👉 आज के दौर की वास्तविकता: 👇👇👇👇👇 कोई नहीं-कोई नहीं। तेरा सच्चा साथी कोई नहीं। इस रंग बदलती दुनिया में, निर्धन का साथी कोई नहीं। बलवान के संगी लाखों हैं, निर्बल का साथी कोई नहीं। (1) मतलब के रिश्ते-नाते हैं, मतलब है तो मीठी बातें हैं। जब वक्त बुरा आ जाता है, उस वक्त का साथी कोई नहीं। बलवान के संगी.....  (2) जब तक खुशियों के मेले हैं, सब अपनापन दिखलाते हैं। है सुख तो सब हैं साथ, मगर दुख-दर्द का साथी कोई नहीं। बलवान के संगी..... (3) ये कलयूग है इस कलयूग में, बस झूठ का सिक्का चलता है। झूठे को मान-सम्मान मिले, पर सच का साथी कोई नहीं। बलवान के संगी.....  (4) पल-पल ये रंग बदलती है, मैंने दुनिया को आजमाया है। नादान न बन तू "दास" तेरे, किसी पाप का साथी कोई नहीं। बलवान के संगी.....  👉 Writer: Ashok Sharma Ji "Daas" 👉 Singer: Kumar Vishu Ji 💟💟💟💟💟💟 👉 singhalpardeep.blogspot.com

Dj पै नाचूंगी-Dj पै नाचूंगी (Lyrics:Pardeep Sharma & Voice: Renuka Panwar)

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👉 Starting: 💟💟💟💟💟💟 पिया गाड़ी मैं घुमण चाल्लो, रेल में धक्के लागै सैं.... पिया गाड़ी मैं घुमण चाल्लो, रेल में धक्के लागै सैं.... ⬇⬇⬇⬇⬇⬇ 👉 Dj पै नाचूंगी.... 💟💟💟💟💟💟 या जूत्ती पटियाले ते ल्याई, बाली लाहौर तै गढ़वाई। गाम यो देखै ऐड्डी ठा-ठा, जब बण-ठण के मैं-मैं आई। ⬇⬇⬇⬇⬇⬇ आज नाचण की रे, कसर मैं पूरी काढूंगी। मार डूंगे मैं मण-मण के, आज Dj पै नाचूंगी। 💟💟💟💟💟💟 देख मेरा जेठ नचै सै ऐण्डी, जेठाणी शोर कर री हाई। मैं खा राख्खी सूं तेरी शर्म नै, ओ मेरी नन्दी के भाई। ⬇⬇⬇⬇⬇⬇ जे इब करे तन्ने नखरे, फिर मैं भी माचूंगी। मार डूंगे मैं मण-मण के, आज Dj पै नाचूंगी। 💟💟💟💟💟💟 ओ मन्ने बेरा था तू नाचेगा, तू इतना नहीं हठिला सै। "प्रदीप" के गीतां पे, तू भी होया फिरै रंगीला सै। ⬇⬇⬇⬇⬇⬇ देख मैं नई-नई पोज़ बनाके, पिया आज फोटो खींचूंगी। मार डूंगे मैं मण-मण के, आज Dj पै नाचूंगी। 💟💟💟💟💟💟 👉 गीतकार: प्रदीप शर्मा जी। 👉 गायिका: रेणुका पंवार जी। 👉 गीतअदाकार: अंजलि राघव जी। ⬇⬇⬇⬇⬇⬇ 👉 इस हरियाणवी गीत से जुड़ी पूरी टीम को हार्दिक बधाई!  💟💟💟💟💟💟 👉 प्रेषक: प्रदीप सिंघल (जीन्द वाले)  ...

Jija Tu Kala Mai Gori Ghani//जीजा तू काला मैं गौरी घणी (Lyrics©®Writer)

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👉 सुप्रसिद्घ हरियाणवी लोकगीत: ⬇⬇⬇⬇⬇ जीजा तू काला मैं गौरी घणी-੨ फोटो खींचवांवै दोनों जणे-੨ ओ.... जीजा जी-੨ जीजा जी.... जीजा जी-੨ ⬇⬇⬇⬇⬇ जीजा तू मोटा मैं पतली घणी-੨ तखड़ी तूल जांवै दोनों जणे-੨ ओ.... जीजा जी-੨ जीजा जी.... जीजा जी-੨ ⬇⬇⬇⬇⬇ जीजा तू ठिगणो मैं लाम्बी घणी-੨ फीते नप जांवै दोनों जणे-੨ ओ.... जीजा जी-੨ जीजा जी.... जीजा जी-੨ ⬇⬇⬇⬇⬇ जीजा तू बादल मैं बिजली-੨ बैरी पे पड़ जांवै दोनों जणे-੨ ओ.... जीजा जी-੨ जीजा जी.... जीजा जी-੨ ⬇⬇⬇⬇⬇ जीजा तू खेतां मैं बागां मैं-੨ मेले मिल जांवै दोनों जणे-੨ ओ.... जीजा जी-੨ जीजा जी.... जीजा जी-੨ ⬇⬇⬇⬇⬇ जीजा तू मूथरा मैं आगरा-੨ टेशन मिल जांवै दोनों जणे-੨ ओ.... जीजा जी-੨ जीजा जी.... जीजा जी-੨ 💟💟💟💟💟 सुप्रसिद्घ हरियाणवी फिल्म "चन्द्रावल" के इस गीत से जुड़ी पूरी टीम को मेरा हृदय से नमन! -प्रदीप सिंघल singhalpardeep.blogspot.com