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The Thinking Of Pardeep Singhal

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मेरा ये मानना है कि जिस तरह प्रभु श्री कृष्ण जी के लिए माता देवकी जी और माता यशोद्धा जी दोनों ही वंदनीय थी। एक ने जन्म दिया और दूसरी ने पालन पोषण किया। ठीक उसी तरह हर व्यक्ति को अपनी जन्मभूमि और कर्मभूमि को कभी नहीं भूलना चाहिए। एक भूमि पर हमारा जन्म हुआ और दूसरी पर हमारी मेहनत, हमारी लग्न के बलबूते हमारे और हमारे परिवार के सपने साकार हुए। सोशल मीडिया के माध्यम से मैं अपनी जन्मभूमि और कर्मभूमि का शुकराना करने का हमेशा प्रयास करता हूँ। बहुत से लोग मुझे मेरी जन्मभूमि के नाम प्रदीप सिंघल जीन्द वाले के नाम से भी जानते हैं। आज हमारे दिल्ली के घर के बाहर लगी नाम प्लेट भी हमारी जन्मभूमि का हृदय से आभार व्यक्त करती है। इक हसरत है मेरी जब जब लोगों की जुबां पर मेरा नाम आए, लोगों की जुबां पर मेरा जन्मभूमि और कर्मभूमि से प्रेम भी याद आ जाए। लेख: अग्रवंशी प्रदीप सिंघल।

हम श्याम दीवाने हैं (-AKM The Writer & Singer Of Most Popular Bhajan)

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मेरा मनपसंद भजन: हम श्याम दीवाने हैं यह शान से कहते हैं। दिन रात सांवरे की मस्ती में ही रहते हैं। मिल जाए कोई प्रेमी ना हेलो ना हाय। बाबा का नाम लेकर, बाबा का नाम लेकर जय श्याम जी कहते हैं। दिन रात.... जब संग सांवरा है किस बात की चिंता है। खुशियां और गम सारे, खुशियां और गम सारे हंसते हुए सहते हैं। दिन रात.... कोई पूछे पता हमसे क्या ठोर ठिकाना है। हम अपने सांवरे के , हम अपने सांवरे के चरणों में ही रहते हैं। दिन रात.... मेरी जीवन नैया का है श्याम खिवैया तू। जब डूबे सब दुनिया , जब डूबे सब दुनिया हम शान से बहते हैं। दिन रात.... क्या लेना है दुनिया से सब शोर शराबा है। "मीतू" के भजनों में, "मीतू" के भजनों में हम खोए रहते हैं। दिन रात.... On YouTube: https://youtu.be/57hzTj0RPS8 https://youtu.be/Kr4FogSQGF8 https://youtu.be/BGoxUBHtQXw https://youtu.be/6TfKywvFess लेखक एवं गायक : अमित कालरा " मीतू " जी। (गुरूग्राम - हरियाणा) 🙏🙏🙏🙏🙏 ।। जय श्री श्याम जी।। भजन प्रेषक : प्रदीप सिंघल (जीन्द वाले )

नाम सिंघल है मेरा (-Pardeep Singhal)

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जीन्द शहर मैं जन्म होया,मेरा प्रांत खास सै हरियाणा। सब काम नजफगढ़ दिल्ली मैं,मेरा शौक श्याम के गुण गाना। इन पंक्तियों को लिखने के लिए  वि शेष आभार: दादा श्री भीमसेन जी। भिवानी - हरियाणा। 🙏🙏🙏🙏🙏 On Fb: अग्रवंशी प्रदीप सिंघल https://www.facebook.com/PardeepSinghalJindWale On YouTube: अग्रवंशी प्रदीप सिंघल https://www.youtube.com/channel/UCKIedCiUOcheDMMQ7aqajnA On Gyan App: अग्रवंशी प्रदीप सिंघल @APS ON Twitter: Pardeep Singhal @Pardeep55657109 Email Add. PARDEEPSINGHAL35@GMAIL.COM On Blog: http://singhalpardeep.blogspot.com

तेरे ये वशंज तुझको पुकारे (बाबा अग्रसेन जी)

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तर्ज: - शिर्डी वाले साईं बाबा.. तेरे ही वंशज तुझको पुकारे, दर्शन को तरसे नैना हमारे। अग्रोहा वाले हे महाराजा, दर पे तुम्हारे हम सब हैं आये। सर को झुकाये कर को हैं जोड़े, आँखों से आंसू बहते ही जाये। अग्रोहा वाले.... अनोखा नगर बसाया, अग्रोहा नाम कहाया। अनोखी रीत चलाई, जहाँ में प्रीत बढ़ाई। अठारह यज्ञ कराये अग्रवंशी कहलाये। अठारह पुत्र थे उनके अठारह गोत्र है जिनके, अंहिसा को अपनाया हमारा मान बढ़ाया। तेरी महिमा का किस्सा बयां हम सब करें क्या। अब तो है हर पल दिल में हमारे, गुजरे ये जीवन तेरे सहारे। अग्रोहा वाले.... महालक्ष्मी को मनाया ऐसा वरदान पाया। मची यूं धूम तुम्हारी सुखी थी जनता सारी। इन्द्र भी तुझसे हारा, फंस गया वो बेचारा। चला ना कोई बहाना, पड़ा अग्रोहा आना। नहीं कोई तुमसा दूजा करें, हम तेरी पूजा। तेरे द्वारे जो आता, कभी खाली ना जाता। बिगड़ी हमारी तू ही बनाये भटके जो नईया पार लगाये। अग्रोहा वाले.... लेखक व गायक: अग्रविभुति: श्री संजय अग्रवाल जी। (रायगढ़ - छत्तीसगढ़) मोबाइल: 8109459555 ।। जय जय श्री बाबा अग्रसेन जी ।। 🙏🙏🙏🙏🙏 ...

अच्छी बातों और अच्छे विचारों का प्रचारक (-Pardeep Singhal)

एक व्यक्ति लिखने में बहुत ही अच्छा माहिर है। वो प्रतिदिन अपनी डायरी में कुछ ना कुछ जरूर लिखता। रोजाना लिखता है और डायरी को अपनी अलमारी में रख देता है। नित प्रतिदिन ऐसा ही करता है। एक दिन वो दुनिया से चला जाता है और वो डायरी अलमारी में ही रखी रह जाती है। उसके जाने के बाद अब वो डायरी महज एक घर का पुराना समान बनकर रह जाती है। ऐसी बहुत सी चीजें हैं जो लोगों के बीच पहुंचनी चाहिए। लेकिन नहीं पहुँच पाती। कहीं हमारा अभिमान, तो कहीं हमारी अज्ञानता, तो कहीं हमारी नासमझी, तो कहीं हमारी झिझक के चलते वो अच्छी चीजें अलमारी तक ही सीमित रह जाती हैं। मैं इसीलिए सभी से आग्रह करता हूँ कि एक दूसरे के विचार, एक दूसरे की लिखी बातें जो आपको अच्छी लगती हैं, आपको उनकी ओर खींचती हैं, आकर्षित करती हैं। कोशिश किया कीजिये उन्हें ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने की। मेरे कुछ मित्र बहुत ही अच्छा लिखते हैं। मैं कोशिश भी करता हूँ कि सोशल मीडिया के हर मंच से उनकी लिखी रचनाएँ, उनके लिखे भजन ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचे। ये कार्य मैं किसी लालच या फिर लोभ से दूर निस्वार्थ भावना के साथ करने का प्रयास करता हूँ। जिसक...

सरदार श्री हरमहेन्द्र सिंह रोमी जी (खलीलाबाद)

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The Writer Of Most Popular Bhajans: 👇 क्यूं भटके मन बांवरे क्यूं तू रोता है। 👇 कभी रूठना ना मुझसे तू श्याम साँवरे। 👇 कांहे करता तू खूद पे गुमान बांवरे। 👇 टाबरां री आंगली पकड़ सांवरे। 👇 जीवन तो प्यारे इक रेल है। 🙏🙏🙏🙏🙏 नोट: उदेश्य सिर्फ इतना ही कि सिंह साहब हरमहेन्द्र सिंह "रोमी" जी की लिखी शिक्षादायी व प्रेरणादायी रचनाएँ जन जन तक पहुंचे। शुभ चिंतक: प्रदीप सिंघल। (जीन्द वाले) नजफगढ़ - नई दिल्ली।

सैंकड़ों सुप्रसिद्ध भजनों के लेखक (NNF)

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मेरे मनपसंद भजन: 👇 दिल में तू श्याम नाम की ये ज्योति जला के देख। आऐगा मेरा साँवरा दिल से बुला के देख। 👇 मैं के बोलूं श्याम धनी तन्नै सब बाता का बेरा सै। पिछले साल घणे तारे पर इबकै नंबर मेरा सै। 👇 मेरा संकट कटग्या जी मेहन्दीपुर के दरबार में। मेरा संकट कटग्या जी मेहन्दीपुर के दरबार में। 👇 आओ भक्तों तुमको खाटू की सैर कराएं। राजस्थान की धरती पे श्री श्याम ध्वजा लहराएं। 👇 इन्तजाम कर दिया है तुमने रोजी रोटी का। विश्वकर्मा जी से नक्शा पास करा दे कोठी का। 👇 दुनिया में डंका बाज्या अंजनी के लाल का। लाल लंगोटा संग में सोटा कमाल का। 👇 वक्त वक्त की बात बताऊँ वक्त बड़ा बलवान सुनो। इन्साँ क्या इस वक्त के आगे झुक गए खुद भगवान सुनो। 👇 मतलब की दुनिया सारी मतलब की रिश्तेदारी। मतलब के लोग यहां मतलब की है सब यारी। 👇 ऐ श्याम दीवाने पे इतना उपकार कीजिए। दो आंसू ले कर आया हूँ स्वीकार कीजिए। 👇 ओ बाबा जाट के घर मैं आज्या। आ के रोट राबड़ी खाज्या। 👇 खाटू आले श्याम इक काम कर दे। सारी दुनिया मैं मेरा नाम कर दे। 👇 नाच रहे हनुमान ...