तेरे ये वशंज तुझको पुकारे (बाबा अग्रसेन जी)
तर्ज: - शिर्डी वाले साईं बाबा..
तेरे ही वंशज तुझको पुकारे, दर्शन को तरसे नैना हमारे।
अग्रोहा वाले हे महाराजा, दर पे तुम्हारे हम सब हैं आये।
सर को झुकाये कर को हैं जोड़े, आँखों से आंसू बहते ही जाये।
अग्रोहा वाले....
अनोखा नगर बसाया, अग्रोहा नाम कहाया।
अनोखी रीत चलाई, जहाँ में प्रीत बढ़ाई।
अठारह यज्ञ कराये अग्रवंशी कहलाये।
अठारह पुत्र थे उनके अठारह गोत्र है जिनके,
अंहिसा को अपनाया हमारा मान बढ़ाया।
तेरी महिमा का किस्सा बयां हम सब करें क्या।
अब तो है हर पल दिल में हमारे, गुजरे ये जीवन तेरे सहारे।
अग्रोहा वाले....
महालक्ष्मी को मनाया ऐसा वरदान पाया।
मची यूं धूम तुम्हारी सुखी थी जनता सारी।
इन्द्र भी तुझसे हारा, फंस गया वो बेचारा।
चला ना कोई बहाना, पड़ा अग्रोहा आना।
नहीं कोई तुमसा दूजा करें, हम तेरी पूजा।
तेरे द्वारे जो आता, कभी खाली ना जाता।
बिगड़ी हमारी तू ही बनाये भटके जो नईया पार लगाये।
अग्रोहा वाले....
लेखक व गायक:
अग्रविभुति: श्री संजय अग्रवाल जी।
(रायगढ़ - छत्तीसगढ़)
मोबाइल: 8109459555
।। जय जय श्री बाबा अग्रसेन जी ।।
🙏🙏🙏🙏🙏
प्रेषक: अग्रवंशी प्रदीप सिंघल।
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