मुझको विश्वास है साँवरे (Lyrics -श्री रोमी जी)
तुम हमारे बनों ना बनों हम तुम्हारे रहेंगे सदा।
तुम हमारी सुनों ना सुनों हम तो दिल की कहेंगे सदा।
मुझको विश्वास है साँवरे इक ना इक दिन हमारे बनोगे।
सर झुका जो रहेगा मेरा इक ना इक दिन तो हाथ धरोगे।
माना हम हैं नालायक बड़े हमको लायक बना लीजिये।
आप से बस यही प्रार्थना अपना सेवक बना लीजिये।
छीन करके मेरे अवगुणों को सद्गुणों से ये झोली भरोगे।
सर झुका जो रहेगा....
मुझको विश्वास है साँवरे....
हमको मंजिल की परवाह नहीं तेरी राहों पे हम चल पड़े।
हमको दुनिया से क्या वास्ता हम तो तेरी शरण में पड़े।
मुझको विश्वास है साँवरे इक ना इक दिन तो संग चलोगे।
सर झुका जो रहेगा....
मुझको विश्वास है साँवरे....
मेरी आँखों में सूरत तेरी नाम होठों पे बस आपका।
"रोमी" बातें करे आपकी दिल पे अधिकार है आपका।
मुझको विश्वास है साँवरे इक ना इक दिन तो दिलबर बनोगे।
सर झका जो रहेगा....
मुझको विश्वास है साँवरे....
इस भजन के लेखक व गायक: आदरणीय
Singh Harimahendra Pal "रोमी" जी।
को हमारा कोटि-कोटि प्रणाम।
शुभ चिंतक:
श्रीभगवान अहलावत जी।
श्री सुरेश शर्मा जी।
श्री संजीव गोयल जी। (बिट्टू भाई)
श्री राजेश सोनी जी।
प्रषेक: प्रदीप सिंघल (जीन्द वाले)
नजफगढ़ - नई दिल्ली।
(नोट: उदेश्य सिर्फ इतना ही कि सिंह साहब श्री रोमी जी की लिखी रचनाएँ ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुँचे)

Jai shree shyam bhai ji
जवाब देंहटाएंसोनी साहब जय श्री श्याम।
हटाएंराजेश भाई जय बाबा की।
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