तेरा कीर्तन ही साँवरिया (Present By Sewak Music)
तेरा कीर्तन ही साँवरिया व्यापार हो गया।
तेरे भक्तों के मनोरंजन का आधार हो गया।
तेरे जागरण का खर्चा लाखों में होता है।
जो भजन सुनाते उनसे इक सौदा होता है।
फिर कहते वो आने को तैयार हो गया।
तेरे भक्तों के मनोरंजन....
लाखों लेकर जो तेरा वहाँ भजन सुनाते हैं।
तुझको ही भूलकर बस वो भक्तों को नचाते हैं।
लगता है जैसे ठुमकों का बाजार हो गया।
तेरे भक्तों के मनोरंजन....
जो गायक Online तेरा कीर्तन करते थे।
वो मुफ्त में सबको अपनी सेवाएं देते थे।
सुनते हैं वहाँ भी पैसों का व्यवहार हो गया।
तेरे भक्तों के मनोरंजन....
ये सच है श्याम मेरा बस प्रेम का भूखा है।
दो भाव भरे आँसू से पल भर में पिघलता है।
"संजय" फिर क्यूं ये दिखावा हर बार हो गया।
तेरे भक्तों के मनोरंजन....
रचियता व स्वर: श्री संजय अग्रवाल जी।
रायगढ़ - छतीसगढ़।
मोबाइल: 8109459555
।। जय श्री श्याम जी ।।
प्रषेक: प्रदीप सिंघल।
(जीन्द वाले)
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