हम बोलेगा तो बोलेगे कि बोलता है
अक्सर लोग कहते हैं कि इस धरती पर जो भी होता है, वो सब कुछ ईश्वर की ईच्छा से ही होता है। ईश्वर सर्वशक्तिमान है, उनकी ईच्छा के बिना तो पत्ता भी नहीं हिल सकता। तो क्या दुनिया में जितने भी अपराध और दुष्कर्म होते हैं, वो सभी ईश्वर की इच्छा से होते हैं। किसी बेगुनाह को सजा हो जाना, किसी की बेवजह हत्या हो जाना, किसी की जेब कट जाना, किसी निर्बल स्त्री की इज्ज़त लूट जाना, एक साथ कई मनुष्य का मिलकर किसी औरत के साथ बलात्कार करना। यदि ईश्वर की इच्छा बिन पत्ता तक नहीं हिल सकता तो बलात्कारियों को एक स्त्री के सभी कपड़े उतारकर दुष्कर्म करने की शक्ति कौन प्रदान करता है। क्या ये सब ईश्वर की लीला है।
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