संदेश

खाटू-धाम आणा-जाणा मन्ने आच्छा लागै सै (L&V:- Naresh Narsi Ji~Fatehabad)

चित्र
               ।। ॐ श्री श्याम देवाय नमः।। सुप्रसिद्ध हरियाणवी भजन: खाटू-धाम का नजारा~बड़ा क्यूट सांवरे। भगतां का दिल~लेता लूट सांवरे। बोलूं साची-साची~कोन्या बोलूं झूठ सांवरे। तेरा मेरा प्यार सै~अटूट सांवरे। खाटू धाम की या रेत~राखै भगतां से हेत, बाबा सेठां का तू सेठ~मन्ने आच्छा लागै सै। तेरा साच्चा दरबार~लीले घोड़े का सवार, बाबा तेरा यो परिवार~मन्ने आच्छा लागै सै। तेरा भोग प्रसाद~घड़ी-घड़ी आवै याद, तेरे चूरमें का स्वाद~मन्ने आच्छा लागै सै। वो निशान का उठाणा~श्याम कुंड में नहाणा, खाटू धाम आणा-जाणा~मन्ने आच्छा लागै सै। (१) तेरे प्रेम का ही होया~यो असर सांवरे। चारूं काणी आवै~तू नज़र सांवरे। मैं तो तब से ही होया~बेफिक्र सांवरे। मन्ने पकड़ी जो~खाटू की डगर सांवरे। तेरी कृपा का ना तोड़~मन्ने काढ़या यो निचोड़, रिंग्स खाटू का वो रोड़~मन्ने आच्छा लागै सै। (२) कैसे भूलूंगा मैं तेरा~एहसान सांवरे। तुम से ही मेरी~पहचान सांवरे। तूने होंठों पे बिखेरी~मुस्कान सांवरे। किस्मत हुई है~मेहरबान सांवरे। Narsi धरता तेरा ध्यान~अटकी तेरे में ही जान, करणा तेरा गुणगान~मन्ने आ...

Logo Jai Shri Shyam Ko (Writer: S. N. Bagda Ji//Singer: Naresh Narsi Ji)

चित्र
Lyrics Of Bhajan:        Logo Jai Shri Shyam को.... ⬇⬇⬇⬇⬇ दुनिया भर मैं सिक्को चालै श्याम नाम को-੨ गाड़ी पै लगायो Logo जय श्री श्याम नाम को-੨ ⬇⬇⬇⬇⬇ श्याम जी को नाम बड़ो ही दुनिया में छायो है-੨ शीश दान दे के बाबो नाम कमायो है-੨ चमत्कार अलबेलो बाबे के निशान को-੨ गाड़ी पै लगायो Logo..... ⬇⬇⬇⬇⬇ खाटू मांहि बैठयो बाबो न्याय चूकावै है-੨ हार के आवै दर पे वो भी जीत के जावै है-੨ हारयोड्डा को साथी है भक्तां के काम को-੨ गाड़ी पै लगायो Logo..... ⬇⬇⬇⬇⬇ फागण मांहि मेलो बाबो श्याम लगावे है-੨ मन ईच्छा फल पूरी कर भंडार लूटावे है-੨ "सत्तु-नरसी" चाकर बन गयो खाटू धाम को-੨ गाड़ी पै लगायो Logo.....  ⬇⬇⬇⬇⬇ लेखक: श्री सत्यनारायण बागड़ा जी -जयपुर ⬇⬇⬇⬇⬇⬇⬇ गायक: श्री नरेश नरसी जी -फतेहाबाद 💟💟💟💟💟💟 आपकी पूरी टीम को हार्दिक शुभकामनाएँ! ।। जय श्री श्याम जी।। singhalpardeep.blogspot.com  

म छोरा छतीसगढ़िया (गीतकार व गायकार-संजय अग्रवाल जी)

चित्र
हरियाणवी भजन: 👇👇👇👇👇👇 म छोरा छत्तीसगढ़िया म खाली हाथ ना जाऊँगा-੨ बाबा तन्ने खाटू स भगा कर ले जाऊँगा-੨ 👇👇👇👇👇👇 मन्ने सीधा-साधा जानकर टालण की कोशिश ना कर-੨ इस छत्तीसगढ़िया गेली चालण की तैयारी कर-੨ तन्ने सागे लेकर जाऊँ सारा छत्तीसगढ़ म घुमाऊँ-੨ म्हारे छत्तीसगढ़ के सारे प्रेमी स तन्ने मिलाऊँ-੨ म छोरा छत्तीसगढ़िया..... 👇👇👇👇👇👇 म्हारे छत्तीसगढ़ की "भजिया-देहाती-बड़ा" जो खाएँ-੨ थारा खाटू वाला खीर-चूरमा बाबा भूल तू जाएँ-੨ तन्ने अपने हाथां स ही बड़े प्रेम से भोग लगाऊँँ-੨ ज़रा आकर देख तो बाबा तन्ने कितणा लाड़ लड़ाऊँँ-੨ म छोरा छत्तीसगढ़िया  .... 👇👇👇👇👇👇 हम छत्तीसगढ़ के प्रेमी दुनिया म सबसे निराले-੨ "संजय" थारे नाम स बाबा हम सबकी गाड़ी चालै-੨ म्हाणे के चिंता दुनिया की जब बाप स मेरे सागै-੨ थारी मोर छड़ी का पहरा हर-पल म्हारे घर पर लागै-੨ म छोरा छत्तीसगढ़िया...... 👇👇👇👇👇👇 गीतकार व गायकार: संजय अग्रवाल जी। (रायगढ़-छतीसगढ़) 🙏 🙏 🙏 🙏 🙏 प्रेषक: प्रदीप सिंघल (जीन्द वाले) 

बाबा तू कृपा कर दे तो, मैं भी रेट बढ़ा दूँगा (Amit Kalra Meetu//Gurgaon-Haryana)

चित्र
आज के कलाकार की वास्तविकता: 👇👇👇👇👇👇 बाबा तू कृपा कर दे तो, मैं भी रेट बढ़ा दूँगा-੨  लम्बी सी गाड़ी लेकर के, जय श्री श्याम लिखा दूँगा-੨  तेरे नाम के जयकारे, मैं गली-गली लगवा दूँगा-੨  👇👇👇👇👇👇 (1) कोई प्रेमी पूछे जो कि कीर्तन का क्या लेते हो, पेमेंट और आने, जाने, खाने की लिस्ट थमा दूँगा-੨ 👇👇👇👇👇👇 (2) प्रेमी जो बोले कि इक छोटा सा कीर्तन करना है, 100-50 लोगों में कीर्तन ना करते बतला दूँगा-੨  👇👇👇👇👇👇 (3) प्रेमी जो बोले भैया एक नया भजन सुना दो जी, किसी और की रचना गाकर अपना नाम लगा दूँगा-੨  👇👇👇👇👇👇 (4) बाबा बैठे सोच रहे जो मैं अपनी पे आया तो, आसमान पे उड़ने वाले पल में धरा पे ला दूँगा-੨ 👇👇👇👇👇👇 रे नादान तू भक्ति कर मैं खुद ही रेट बढ़ा दूँगा-੨  👇👇👇👇👇👇 इस गीत के लेखक व गायक को हृदय से मेरा नमन! 🙏🙏🙏🙏🙏🙏 Youtube Link: https://youtu.be/OBzqYbkSft8

बतादे साँवरिया क्यों ना घर म्हारे आवै (लेखक: दादा -भीमसेन जी भिवानी वाले)

चित्र
हरियाणवी भजन: बतादे साँवरिया क्यों ना घर म्हारे आवै-੨ तेरी याद मैं श्यामधणी मन्ने अन्न पाणी ना भावै-੨ छप्पन भोग मिलैं सेठां के दौड़या दौड़या जावै-੨ मैं निर्धन म्हारे घर आवण मैं नखरे घणे दिखावै-੨ बतादे साँवरिया.... चाँदी के सिंहासन ऊपर बैठयो बैठयो हुक्म चलावै-੨ तेरे भक्त की टूटी खटिया दुनिया हाँसी उड़ावै-੨ बतादे साँवरिया.... कलयुग के मैं साँवरिया तैं लखदातार कुहावै-੨ मन्ने देण मैं कुणसा तेरा बता माल घट जावै-੨ बतादे साँवरिया.... "भीमसेन" सुण श्यामधणी तेरे नये नये भजन बणावै-੨ इसते ज्यादा और बता तू के मेरे तै चाहवै-੨ बतादे साँवरिया.... लेखक: दादा -भीमसेन जी भिवानी वाले। गायिका: निकिता अग्रवाल जी। प्रेषक: प्रदीप सिंघल (जीन्द वाले) singhalpardeep.blogspot.com आप सभी को.... ।। जय श्री श्याम जी।।

इबके नम्बर मेरा सै (सदाबहार-अरदास//लेखक व गायक: श्री नरेश "नरसी" जी फतेहाबाद वाले)

चित्र
👉 सुप्रसिद्घ हरियाणवी भजन: ⬇⬇⬇⬇⬇ 👉 मैं के बोलूं श्याम धणी, तन्ने सब बातां का बेरा सै। 👉 पिछले साल घणे तारे, पर इबके नम्बर मेरा सै। ⬇⬇⬇⬇⬇ 👉 मेरे अगड़ पड़ोसी सारे, तन्ने उनका काम बणाया सै। 👉 किसी ने गाड़ ली कोठी और किसी ने महल बणाया सै। 👉 तन्ने यो के हाल बणाया सै, मेरा दो कमरां में डेरा सै। 👉 पिछले साल घणे तारे..... ⬇⬇⬇⬇⬇ 👉 तू दोनों हाथ लुटावे, तेरे घणे खजाने भरे पड़े। 👉 हम रोटी पूरी करते और कमा-कमा के मरे पड़े। 👉 छप्पन करोड़ का बम्पर खुल ज्या, इतना माल भतेरा सै। 👉 पिछले साल घणे तारे..... ⬇⬇⬇⬇⬇ 👉 मेरा सपना पूरा होगा, ना छोड़ी इब तक आस मन्ने। 👉 तू सुणेगा विनती मेरी, यो सै पक्का विश्वास मन्ने। 👉 देर सही अन्धेर नहीं, "नरसी" नै इतना बेरा सै। 👉 पिछले साल घणे तारे..... ⬇⬇⬇⬇⬇ (तर्ज: हरियाणवी गीत "मेरे पाछे-पाछे आवण का")  ⬇⬇⬇⬇⬇ 👉 लेखक व गायक: श्री नरेश "नरसी" जी। 👉 फतेहाबाद -हरियाणा। 👉 मोबाइल: 94-162-41-061 Fb Page: Naresh Narsi Fans #NNF 🙏🙏🙏🙏🙏 👉 प्रेषक: प्रदीप सिंघल (जीन्द वाले) (हमें मिली जानकारी के अनुसार ये भजन लगभग सन् 2004 के आसपास लिखा...

वास्तविकता// इस रंग बदलती दुनिया में, निर्धन का साथी कोई नहीं (©®Writer)

चित्र
 👉 आज के दौर की वास्तविकता: 👇👇👇👇👇 कोई नहीं-कोई नहीं। तेरा सच्चा साथी कोई नहीं। इस रंग बदलती दुनिया में, निर्धन का साथी कोई नहीं। बलवान के संगी लाखों हैं, निर्बल का साथी कोई नहीं। (1) मतलब के रिश्ते-नाते हैं, मतलब है तो मीठी बातें हैं। जब वक्त बुरा आ जाता है, उस वक्त का साथी कोई नहीं। बलवान के संगी.....  (2) जब तक खुशियों के मेले हैं, सब अपनापन दिखलाते हैं। है सुख तो सब हैं साथ, मगर दुख-दर्द का साथी कोई नहीं। बलवान के संगी..... (3) ये कलयूग है इस कलयूग में, बस झूठ का सिक्का चलता है। झूठे को मान-सम्मान मिले, पर सच का साथी कोई नहीं। बलवान के संगी.....  (4) पल-पल ये रंग बदलती है, मैंने दुनिया को आजमाया है। नादान न बन तू "दास" तेरे, किसी पाप का साथी कोई नहीं। बलवान के संगी.....  👉 Writer: Ashok Sharma Ji "Daas" 👉 Singer: Kumar Vishu Ji 💟💟💟💟💟💟 👉 singhalpardeep.blogspot.com

Dj पै नाचूंगी-Dj पै नाचूंगी (Lyrics:Pardeep Sharma & Voice: Renuka Panwar)

चित्र
👉 Starting: 💟💟💟💟💟💟 पिया गाड़ी मैं घुमण चाल्लो, रेल में धक्के लागै सैं.... पिया गाड़ी मैं घुमण चाल्लो, रेल में धक्के लागै सैं.... ⬇⬇⬇⬇⬇⬇ 👉 Dj पै नाचूंगी.... 💟💟💟💟💟💟 या जूत्ती पटियाले ते ल्याई, बाली लाहौर तै गढ़वाई। गाम यो देखै ऐड्डी ठा-ठा, जब बण-ठण के मैं-मैं आई। ⬇⬇⬇⬇⬇⬇ आज नाचण की रे, कसर मैं पूरी काढूंगी। मार डूंगे मैं मण-मण के, आज Dj पै नाचूंगी। 💟💟💟💟💟💟 देख मेरा जेठ नचै सै ऐण्डी, जेठाणी शोर कर री हाई। मैं खा राख्खी सूं तेरी शर्म नै, ओ मेरी नन्दी के भाई। ⬇⬇⬇⬇⬇⬇ जे इब करे तन्ने नखरे, फिर मैं भी माचूंगी। मार डूंगे मैं मण-मण के, आज Dj पै नाचूंगी। 💟💟💟💟💟💟 ओ मन्ने बेरा था तू नाचेगा, तू इतना नहीं हठिला सै। "प्रदीप" के गीतां पे, तू भी होया फिरै रंगीला सै। ⬇⬇⬇⬇⬇⬇ देख मैं नई-नई पोज़ बनाके, पिया आज फोटो खींचूंगी। मार डूंगे मैं मण-मण के, आज Dj पै नाचूंगी। 💟💟💟💟💟💟 👉 गीतकार: प्रदीप शर्मा जी। 👉 गायिका: रेणुका पंवार जी। 👉 गीतअदाकार: अंजलि राघव जी। ⬇⬇⬇⬇⬇⬇ 👉 इस हरियाणवी गीत से जुड़ी पूरी टीम को हार्दिक बधाई!  💟💟💟💟💟💟 👉 प्रेषक: प्रदीप सिंघल (जीन्द वाले)  ...

Jija Tu Kala Mai Gori Ghani//जीजा तू काला मैं गौरी घणी (Lyrics©®Writer)

चित्र
👉 सुप्रसिद्घ हरियाणवी लोकगीत: ⬇⬇⬇⬇⬇ जीजा तू काला मैं गौरी घणी-੨ फोटो खींचवांवै दोनों जणे-੨ ओ.... जीजा जी-੨ जीजा जी.... जीजा जी-੨ ⬇⬇⬇⬇⬇ जीजा तू मोटा मैं पतली घणी-੨ तखड़ी तूल जांवै दोनों जणे-੨ ओ.... जीजा जी-੨ जीजा जी.... जीजा जी-੨ ⬇⬇⬇⬇⬇ जीजा तू ठिगणो मैं लाम्बी घणी-੨ फीते नप जांवै दोनों जणे-੨ ओ.... जीजा जी-੨ जीजा जी.... जीजा जी-੨ ⬇⬇⬇⬇⬇ जीजा तू बादल मैं बिजली-੨ बैरी पे पड़ जांवै दोनों जणे-੨ ओ.... जीजा जी-੨ जीजा जी.... जीजा जी-੨ ⬇⬇⬇⬇⬇ जीजा तू खेतां मैं बागां मैं-੨ मेले मिल जांवै दोनों जणे-੨ ओ.... जीजा जी-੨ जीजा जी.... जीजा जी-੨ ⬇⬇⬇⬇⬇ जीजा तू मूथरा मैं आगरा-੨ टेशन मिल जांवै दोनों जणे-੨ ओ.... जीजा जी-੨ जीजा जी.... जीजा जी-੨ 💟💟💟💟💟 सुप्रसिद्घ हरियाणवी फिल्म "चन्द्रावल" के इस गीत से जुड़ी पूरी टीम को मेरा हृदय से नमन! -प्रदीप सिंघल singhalpardeep.blogspot.com  

काम की बात (-PS)

👇👇👇👇👇👇 एक व्यक्ति टूथ पेस्ट बनाने वाली कंपनी में नौकरी पाने के लिए कंपनी के दफ्तर में इन्टर्वयू देने पहुंचा। इन्टर्वयू लेने वालों में से एक ने उससे पूछ लिया कि यदि आपको हमारे यहां नौकरी दे दी जाए, तो आपसे हमारी कंपनी को क्या फायदा होगा। उसने एक ही वाक्य में कहा कि आपकी एक महीने की सेल 500 करोड़ से 1000 पर पहुंच जाएगी। उसकी बात सुनते ही सभी लोग अपनी कुर्सियों को छोड़ खड़े हुए और उस व्यक्ति को बड़े ही गौर से देखने लगे। अपने-अपने तर्क रखने लगे कि हमारे पास इतने पुराने, इतने काबिल व इतने हुनरमंद लोग हैं, जिन्होंने न जाने कितनी कोशिशें, कितनी विज्ञापन एजेंसियों को हॉयर किया कि हमारी सेल दोगुनी हो जाए, पर सभी के सभी फेल हो गए और आप सिर्फ एक महीने में दोगुनी सेल की बात कह रहे हैं। यदि आप ऐसा कर पाने में सफल हो जाते हैं तो, कंपनी आपको अच्छी सैलरी, रहने के लिए अच्छा घर, आने-जाने के लिए अच्छी गाड़ी व साथ ही साथ बढ़ी हुई सेल पर कमीशन भी देगी।आप कल से कंपनी ज्वाइन कीजिये, लेकिन उसके इस कमेंट ने सभी को सोचने पर मजबूर कर दिया कि, आखिर इस व्यक्ति में ऐसा क्या गुण है जो कि इसने इतने आत्मविश्वास ...

Money Is The Fuel Of Life (-PS)

Truth Of Life: Just as Petrol, Diesel and CNG are Very Important as Fuel to Run the Vehicle, In the Same Way, Money in the form of Fuel is also Very Important to Run the Vehicle of Life. -Pardeep Singhal जीवन का सत्य: जिस तरह गाड़ी को चलाने के लिए ईंधन के रूप में पेट्रोल, डीजल व सी एन जी बहुत जरूरी है। ठीक उसी तरह जीवन (Life) की गाड़ी को चलाने के लिए भी पैसा (Money) रूपी ईंधन बहुत जरूरी है। -प्रदीप सिंघल singhalpardeep.blogspot.com

Money Is The Fuel Of Life (-PS)

एक व्यक्ति से किसी ने पूछा कि आप क्या बनना चाहते हैं, तो उसने कहा कि मैं मनी मैगनेट बनना चाहता हूँ। वो शायद ऐसा इसलिए कह पाया कि उसे सही समय पर ये ज्ञान प्राप्त हो गया कि, जीवन में पैसे की क्या अहमियत है। शायद यही कारण है कि बड़े-बड़े स्टार, सेलिबर्टी टीवी पर उन चीजों के विज्ञापन भी करते हैं, जिन चीजों का इस्तेमाल वो अपने बच्चों को सपने में भी न करने दे। पैसे के लिए विज्ञापनों में वो समान बेचते हैं, जिसे एक आम इंसान भी बेचते हुए कई बार सोचेगा और आखिर में मना भी करदे तो कोई बड़ी बात नहीं। Money Is The Fuel Of Life -Pardeep Singhal

बागड़ो नाची सामण मैं (©®Team of Song Present Team)

चित्र
  👉 हरियाणवी गीत: बागड़ो नाची सामण मैं.. 👇👇👇👇👇 मेरी झाँझरा का जोड़ा, हॉय शोर करण लाग्या। जद चाली मोरणी बणके, कईयां का दिल आग्या। 👇👇👇👇👇 नीर भरण गई मैं, कुएँ पे नीले दामण मैं। रे सिर पे टोकणी धर के, बागड़ो नाची सामण मैं। 👇👇👇👇👇 (1) इसा हाल्या दामण रे, हॉय रे हॉय सामण मैं। रे कमर पे दो-दो मटके थे, अर गात पड़ै था हल्वा सा। इसी चमकी नाथ नगीने जो, रूप का पाटया जलवा सा। होंठ रसीले लागैं थे, जणू नूण हो जामण मैं। रे सिर पे टोकणी.... 👇👇👇👇👇 (2) इसा छम-छम करके नाची मैं, मन्ने देख के बादल बरस गया। इसा खोग्या "फरिश्ता" मेरे में, वो लिखण ते भी तरस गया। पूरी की पूरी भीज गई, फिर लागी काँपण मैं। रे सिर पे टोकणी....  👇👇👇👇👇 इसा हाल्या दामण रे, हॉय रे हॉय सामण मैं। इसा हाल्या दामण रे, हॉय रे हॉय सामण मैं। 💟💟💟💟💟 इस हरियाणवी गीत से जुड़ी पूरी टीम को हार्दिक बधाई!  प्रेषक: प्रदीप सिंघल (जीन्द वाले) singhalpardeep.blogspot.com

हम बोलेगा तो बोलेगे कि बोलता है

अक्सर लोग कहते हैं कि इस धरती पर जो भी होता है, वो सब कुछ ईश्वर की ईच्छा से ही होता है। ईश्वर सर्वशक्तिमान है, उनकी ईच्छा के बिना तो पत्ता भी नहीं हिल सकता। तो क्या दुनिया में जितने भी अपराध और दुष्कर्म होते हैं, वो सभी ईश्वर की इच्छा से होते हैं। किसी बेगुनाह को सजा हो जाना, किसी की बेवजह हत्या हो जाना, किसी की जेब कट जाना, किसी निर्बल स्त्री की इज्ज़त लूट जाना, एक साथ कई मनुष्य का मिलकर किसी औरत के साथ बलात्कार करना। यदि ईश्वर की इच्छा बिन पत्ता तक नहीं हिल सकता तो बलात्कारियों को एक स्त्री के सभी कपड़े उतारकर दुष्कर्म करने की शक्ति कौन प्रदान करता है। क्या ये सब ईश्वर की लीला है।

हर व्यक्ति के काम की बात

चित्र
सिर्फ मन की ही नहीं, काम की भी बात: ये सत्य है कि चाहे कोई कितना ही अमीर हो या फिर कितना ही गरीब, एक न एक दिन सभी को मर जाना है और ये भी सत्य है कि मनुष्य चाहे कितनी ही धन संपदा इकट्ठी करले, वो उसमें से एक रूपया भी साथ नहीं लेकर जा सकता है। ये भी सत्य है कि सुख और दुख जीवन का एक हिस्सा है, चाहे कोई अमीर हो या गरीब इनसे नहीं बच सकता उन्हें इनका सामना करना ही पड़ेगा। लेकिन ये भी तो जरूरी नहीं कि मनुष्य दुखों का सामना और अपने जन्म से लेकर मृत्यु तक का सफर गरीबी, बदहाली, लाचारी व बेबसी के साथ ही करे। एक व्यक्ति साइकिल पर चलते हुए, छोटी से घर में रहते हुआ अपना दुख प्रकट करे और लोगों को कहे कि मैं दुखी हूँ, परेशान हूँ। दूसरा व्यक्ति दुखी तो है, परेशान भी है लेकिन वो अपने महंगे बंगले, ए सी ऑफिस, महंगी गाड़ी में बैठकर दुखों का सामना करता है, उस लड़ाई को लड़ता है, तो जीवन किसका बेहतर कहलायेगा। मेरे ख्याल से तो उसका जो भौतिक सुखों के साधनों संग अपना जीवन बीता रहा है न कि उसका जो वही पुरानी घीसी-पीटी बातों को अपने जीवन का आधार मान अपना जीवन बीता रहा है। बहुत से लोग कई तरह के उदाहरण देते हैं जैसे ...

संघर्ष ही जीवन है// Struggle Is Life

संघर्ष: Allout-GoodKnight मशीन व रिफिल बनाने वाली बड़ी कंपनियों ने पूरे जोर-शोर, अपनी पूरी टीम के सहयोग से मच्छर भगाने वाले कई Product बनाये। लेकिन मच्छरों की एक पीढ़ी ढ़ीठ होकर जीवन और मृत्यु के बीच इस लड़ाई को लड़ने का संघर्ष करती रही, तो आज मच्छरों की अगली पीढ़ी उन सब उत्पादों के आस पास नृत्य करती रहती है। आखिरकार मनुष्य थक हार कर यही कह देता है कि इन उत्पादों का कोई फायदा नहीं, मच्छर खत्म नहीं हो सकते। ठीक उसी तरह जब एक पीढ़ी किसी चीज़ को पाने के लिए बेइतहां, मेहनत-मशक्कत करती है, संघर्ष करती है तो दूसरी पीढ़ी को उसका फायदा भी बेशुमार मिलता है। आज हमें जो भी चीज़े, जो भी सुविधाएं, जो भी साधन उचित मात्रा में पर्याप्त हैं। उन्हें प्राप्त करने के लिए हमारे बुजुर्गों ने न जाने कितना संघर्ष किया होगा, तब जाकर हम आज उन चीजों पर अपना स्वामित्व बना पाने में सफल हो पाये। हमारे आसपास ऐसे बहुत से लोग हैं जिनके पास 25-30 पहले न अपना घर था, न आने जाने का अपना कोई निजी वाहन था। लेकिन आज उन सबके पास अच्छा घर, आने जाने के एक नहीं बल्कि कई साधन हैं, जिन्हें वो अपनी जरूरत व दूरी अनुसार इस्तेमाल करते...

अग्रसेन जी की गौरव गाथा (श्रीमति रेखा मोहिनी बंसल "RMB" जी की जुबानी)

चित्र
महाराजा श्री अग्रसेन जी की गौरव गाथा: 💟💟💟💟💟💟 श्री अग्रसेन महाराज की, हम गाथा गाते हैं हम गाथा गाते हैं। श्री अग्रजनक के चरणों में हम शीश झुकाते हैं, हम शीश झुकाते हैं। जय अग्रसेन महाराज, जय जय अग्रवाल समाज-੨ ⬇⬇⬇⬇⬇⬇ (1) महारानी भगवती देवी थी, राजा वल्लभसेन वल्लभसेन के पिता थे, जिनका नाम था बृहतसेन-੨ हरियाणा में प्रतापनगर की कथा सुनाते हैं, हम कथा सुनाते हैं। श्री अग्रजनक के चरणों में हम शीश झुकाते हैं। हम शीश..... जय अग्रसेन महाराज, जय जय अग्रवाल समाज-੨ (2) कुंदसेन भाई छोटे थे वल्लभसेन के, केशी नाम का सेनापति रहता था संग उसके-੨ कुंदसेन और केशी दोनों घात लगाते हैं, दोनों घात लगाते हैं। श्री अग्रजनक के चरणों..... जय अग्रसेन महाराज..... (3) राजा वल्लभ भगवती देवी ने शिव ध्यान किया, प्रसन्न हो शिव ने दो पुत्रों का वरदान दिया-੨ भगवती देवी और वल्लभ जी खुशी मनाते हैं बड़ी खुशी मनाते हैं।  श्री अग्रजनक के चरणों में..... जय अग्रसेन महाराज..... (4) अश्विन शुक्ला प्रतिपदा को सुंदर फूल खिला, महेन्द्रकाल में वल्लभ जी घर पुत्र ने जन्म लिया-੨ जो श्री अग्रसेन जी नाम से जाने जाते हैं, जाने जाते ...

Chatak-Matak // चटक-मटक // सुप्रसिद्ध हरियाणवी गीत के लीरिक्स

चित्र
 👉 सुप्रसिद्घ हरियाणवी गीत: चटक-मटक 👇👇👇👇👇 👉 ओ घाल्ली आख्याँ मैं स्याही, रे बिन्दी माथे पे लाई। 👉 बहू सब कर दी गाम की फैल, मैं बण-ठण के जब आई। 👇👇👇👇👇 👉 ओ सारे देवर-जेठां के, मैं गई खटक-खटक। 👉 ओ गज़ का घूंघट काढ़, चाल्ली मैं तो मटक-मटक। 👇👇👇👇👇 👉 ओ चूड़ा हाथां मैं खणकै, तागड़ी छण-छण छणके। 👉 घूमाती चोटी नै निकड़ी, गाल मैं मोरणी बणके। 👇👇👇👇👇 👉 "बिट्टू सोरखी" इशारे में, गया रे झटक। 👉 ओ गज़ का घूंघट काढ़, चाल्ली मैं तो मटक-मटक। 👇👇👇👇👇 👉 टोकणी डूंगे धर राख्खी, मटकणी चाल करे चाला। 👉 मेरे गौरे रंग पै, सूट यो जच रया पटियाला। 👇👇👇👇👇 👉 जो मन्ने देखै सांस जावै, उसकी अटक-अटक। 👉 ओ गज़ का घूंघट काढ़, चाल्ली मैं तो मटक-मटक। 💟💟💟💟💟 इस सुप्रसिद्घ हरियाणवी गीत "चटक-मटक" से जुड़ी पूरी टीम को हार्दिक शुभकामनाएँ! प्रेषक: प्रदीप सिंघल singhalpardeep.blogspot.com

Chatak-Matak // चटक-मटक // सुप्रसिद्ध हरियाणवी गीत के लीरिक्स

चित्र
👉 सुप्रसिद्घ हरियाणवी गीत: चटक-मटक 👇👇👇👇👇 👉 ओ घाल्ली आख्याँ मैं स्याही, रे बिन्दी माथे पे लाई। 👉 बहू सब कर दी गाम की फैल, मैं बण-ठण के जब आई। 👇👇👇👇👇 👉 ओ सारे देवर-जेठां के, मैं गई खटक-खटक। 👉 ओ गज़ का घूंघट काढ़, चाल्ली मैं तो मटक-मटक। 👇👇👇👇👇 👉 ओ चूड़ा हाथां मैं खणकै, तागड़ी छण-छण छणके। 👉 घूमाती चोटी नै निकड़ी, गाल मैं मोरणी बणके। 👇👇👇👇👇 👉 "बिट्टू सोरखी" इशारे में, गया रे झटक। 👉 ओ गज़ का घूंघट काढ़, चाल्ली मैं तो मटक-मटक। 👇👇👇👇👇 👉 टोकणी डूंगे धर राख्खी, मटकनी चाल करे चाला। 👉 मेरे गौरे रंग पै, सूट यो जच रया पटियाला। 👇👇👇👇👇 👉 जो मन्ने देखै सांस जावै, उसकी अटक-अटक। 👉 ओ गज़ का घूंघट काढ़, चाल्ली मैं तो मटक-मटक। 💟💟💟💟💟 इस सुप्रसिद्घ हरियाणवी गीत "चटक-मटक" से जुड़ी पूरी टीम को हार्दिक शुभकामनाएँ! प्रेषक: प्रदीप सिंघल singhalpardeep.blogspot.com

अग्रसेन जी का भजन: (लेखक:- हेमन्त गोयल "गोपाल" जी)

चित्र
  👉 👉 Lyrics: 👇👇👇👇👇 अग्रसेन जी पिता हमारे, माधवी हमारी माता है-੨ अग्रोहा राजधानी हमारी, जिससे हमारा नाता है-੨ 👇👇👇👇👇 सत्य-अहिंसा-धर्म-दान का, हमको पाठ पढ़ाया है। एक ईंट और एक रुपये से, समरसता सीख सिखाया है। छोटी सी है रीत मगर ये, सीख बड़ी सिखाता है। अग्रोहा राजधानी.... 👇👇👇👇👇 क्षत्रिये कुल में जन्म लिया, वैश्य धर्म स्वीकार किया। कलम-तराजू के दम पर, जीत सारा संसार लिया। जहाँ भी बसे है अग्रवंश, वहीं का वो हो जाता है। अग्रोहा राजधानी.... 👇👇👇👇👇 लक्ष्मी पुत्र कहाते हैं हम, महालक्ष्मी का वरदान है। फैली बेल चहूँ दिशा में, पाते सदा सम्मान हैं। कहे "गोपाल" बड़भागी, जो #अग्रवाल कहलाता है। अग्रोहा राजधानी....  👇👇👇👇👇 ©®श्री हेमन्त गोयल "गोपाल" जी (श्याम कृपा)  👉 गायक: अभिजीत कोहर जी 🙏🙏🙏🙏🙏 👉 प्रेषक: प्रदीप सिंघल 👉 https://youtu.be/ft8O668UIBU