मैं श्याम तुम्हारा प्रेमी हूँ (Lyrics & Voice -ज्ञान पंकज जी)

मेरा मनपसंद भजन:

मैं श्याम तुम्हारा प्रेमी हूँ, इतनी सी मेरी कहानी है।

सर झुका है तेरे चरणों में, आँखों में प्रेम का पानी है।

मैं श्याम तुम्हारा....


कितने ही जन्म गुजार दिये, तब जाकर तुझको पाया है।

तुमने ही अपना होने का, मुझको एहसास दिलाया है।

कहीं और क्यों मैं फरियाद करूँ, क्यों और किसी को याद करूँ।

मतलब की दुनिया पर बाबा, क्यों वक्त अपना बर्बाद करूँ।

मैं श्याम तुम्हारा....


मैंने तेरे इस मंदिर को, अब अपना ठिकाना बना लिया।

तेरे जलवों ने ही बाबा, मुझे तेरा दीवाना बना लिया।

तुम सामने मेरे बैठे रहो, मैं मीठे भजन सुनाता रहूँ।

तुम प्रेम निभाते रहना प्रभु, मैं अपना फर्ज निभाता रहूँ।

मैं श्याम तुम्हारा....


कल क्या होगा इस "पंकज" का तुम जानो काम तुम्हारा है।

जैसे चाहो वैसे रखना, मुझपे अधिकार तुम्हारा है।

चाहे साँस चले या थम जाये, मन इन चरणों में रम जाये।

तुम रहना प्रभु मेरे मन में, फिर और ना कोई रह पाये।

मैं श्याम तुम्हारा....


(तर्ज: मैं पल दो पल का शायर हूँ)


लेखक व गायक:

श्री ज्ञान पंकज अग्रवाल जी।

दिल्ली।

मोबाइल नंबर: 9810257542, 7669257542

🙏🙏🙏🙏🙏

प्रेषक: प्रदीप सिंघल (जीन्द वाले)

नजफगढ़ - नई दिल्ली।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

ना बेटी मारो (Lyrics & Voice -नरसी जी)

31मई 2020 (दुखद समाचार)

खाटू-धाम आणा-जाणा मन्ने आच्छा लागै सै (L&V:- Naresh Narsi Ji~Fatehabad)