टाबरां री आंगली पकड़ साँवरे (Lyrics-रोमी जी)
मेरा मनपसंद भजन :
टाबरां री आंगली पकड़ सांवरे।
बाथि घाल प्यार से जकड़ सांवरेे।
बाथि घाल प्यार से जकड़ सांवरेे।
टाबरां री फौज आई दूर - दूर से।
देखै कांई टाबरां नै घुर - घुर के।
छोड़ - छाड़ आया मैं अकड़ सांवरेे।
बाथि घाल प्यार से जकड़ सांवरे।
टाबरां री आंगली....
देखै कांई टाबरां नै घुर - घुर के।
छोड़ - छाड़ आया मैं अकड़ सांवरेे।
बाथि घाल प्यार से जकड़ सांवरे।
टाबरां री आंगली....
थारो सो दयालु बाबो दिखै कोणी ओर।
पलकां उठार देखो टाबरां री ओर।
थारे से ही नैन गये लड़ सांवरे।
बाथि घाल प्यार से जकड़ सांवरे।
टाबरां री आंगली....
पलकां उठार देखो टाबरां री ओर।
थारे से ही नैन गये लड़ सांवरे।
बाथि घाल प्यार से जकड़ सांवरे।
टाबरां री आंगली....
छोड़ थारा दर कठे झाँकू कोणी श्याम।
दर - दर माटी मैं तो फाँकू कोणी श्याम।
रोऊँ थारे चरणां मै पड़ सांवरे।
बाथि घाल प्यार से जकड़ सांवरे।
टाबरां री आंगली....
दर - दर माटी मैं तो फाँकू कोणी श्याम।
रोऊँ थारे चरणां मै पड़ सांवरे।
बाथि घाल प्यार से जकड़ सांवरे।
टाबरां री आंगली....
भुल - चूक म्हारी बाबा माफ करो।
मन्नडे री मैल म्हारी साफ करो।
काटो म्हारे पापां वाली जड़ सांवरे।
बाथि घाल प्यार से जकड़ सांवरे।
टाबरां री आंगली....
मन्नडे री मैल म्हारी साफ करो।
काटो म्हारे पापां वाली जड़ सांवरे।
बाथि घाल प्यार से जकड़ सांवरे।
टाबरां री आंगली....
सिर पे दयालु म्हारे हाथ धर दयो।
टाबरां पे मेहर की नजर कर दयो।
"रोमी" नाचै चौखट पे चढ़ सांवरे।
बाथि घाल प्यार से जकड़ सांवरे।
टाबरां री आंगली....
टाबरां पे मेहर की नजर कर दयो।
"रोमी" नाचै चौखट पे चढ़ सांवरे।
बाथि घाल प्यार से जकड़ सांवरे।
टाबरां री आंगली....
इस मर्मस्पर्शी भजन के रचियता व दिलकश आवाज के मालिक..
-Shri Singh Harimahendra Pal "रोमी" जी को मेरा कोटि - कोटि नमन !
🙏 🙏 🙏 🙏 🙏
भजन प्रेषक : प्रदीप सिंघल (जीन्द वाले)
॥ जय श्री श्याम जी ॥
भजन प्रेषक : प्रदीप सिंघल (जीन्द वाले)
॥ जय श्री श्याम जी ॥

जय जय श्री श्याम।
जवाब देंहटाएं