प्रीत मेरी निभानी पड़ेगी (Lyrics-नरसी जी)
मुझे श्याम अपना बनाकर तो देखो।
बिछा दूंगा पलकें राहों में तेरी,
कभी मेरी कुटिया में आकर तो देखो।
ये दहलीज घर की तुम्हें ही पुकारे।
आजा कन्हैया गरीबों के द्वारे।
भला हूँ बुरा हूँ मैं जैसा हूँ तेरा,
मेरी गलतियों को छुपाकर तो देखो।
मैं नरसी नहीं हूँ नहीं हूँ सुदामा।
मगर श्याम तुमको पड़ेगा निभाना।
तुम्हारे चरण में पड़ा हूँ मैं दात्ता,
जरा अपनी नजरें झुका कर तो देखो।
ये किस बात की तुम सजा दे रहे हो।
खाटू में बैठे मजा ले रहे हो।
नहीं भूल पाओगे हमें श्याम सुंदर,
नहीं जो यकीं तो भुला कर तो देखो।
मेरा जिस्मों - जां अब अमानत है तेरी।
मैं तेरा रहूँगा जमानत है मेरी।
अगर जान मांगो तो अभी जान दे दूँ,
कभी "नरसी" को आजमा कर तो देखो।
लेखक एवं गायक: श्री नरेश "नरसी" जी।
(फतेहाबाद - हरियाणा)
!! जय श्री श्याम जी !!
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें
आपका हृदय से आभार।